आज हर student के हाथ में mobile phone है। पढ़ाई के लिए हो या entertainment के लिए — mobile अब life का हिस्सा बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही mobile phone धीरे-धीरे students को weak बना रहा है?
जब student बिना mobile के बेचैन हो जाए, पढ़ाई के बीच बार-बार phone check करे और समय का पता ही न चले — यही mobile addiction है।
Reels, short videos और notifications दिमाग को slow और distracted बना देते हैं। Result: पढ़ाई में मन नहीं लगता।
लगातार screen देखने से students चीजें याद रखने के बजाय search करने के आदी हो जाते हैं।
रात को mobile use करने से नींद पूरी नहीं होती, जिससे अगले दिन दिमाग काम नहीं करता।
Social media comparison students में inferiority complex और anxiety पैदा करता है।
आंखों में जलन, सिर दर्द, और posture problems students में common हो गई हैं।
Mobile phone दुश्मन नहीं है, लेकिन limit के बिना इस्तेमाल सबसे बड़ा नुकसान है। जो student आज mobile control कर लेता है, वही कल competition जीतता है।
Mobile phone ने life आसान बनाई है, लेकिन students के लिए इसका गलत इस्तेमाल कमजोरी बन रहा है। अगर आप सच में exam में अच्छा करना चाहते हैं, तो आज से mobile phone पर नहीं, अपने future पर focus करें।
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